Friday, September 11, 2015

गुरु-समीक्षा Comments

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गुरु से बढ़कर इस दुनिया में, न कोई दूजा होवे रे
जो गुरु को कुछ भी न समझे, वो रावण बन रोवे रे

प्रेम-क्रोध तो दो ही रूप है, दया-दृष्टि की महिमा अनूप है
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Mukul Kumawat
COMMENTS
Rajnish Manga 11 September 2015

इस संसार में गुरु सबसे बड़ा गाइड है. गुरु की महिमा को समर्पित इस सुंदर कविता को PH पर शेयर करने के लिए धन्यवाद, मुकुल जी.

2 0 Reply
Mukul Kumawat 19 September 2015

बहुत बहुत धन्यवाद महोदय! !

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