Ajay Srivastava

Gold Star - 11,191 Points (28/08/1964 / new delhi)

हमेशा - Poem by Ajay Srivastava

सम्मान करना है तो हमेशा करो ।
कानून का पालन हर हालत में हर समय।
हर धर्म का मान समय की पुकार है।
विकास प्रत्येक नागरिक का अधिकार है।
अन्याय का विरोध करना हमारी अवश्यक्ता है ।
आदर्श उपदेश न होकर जन जन गान हो।
जाना है प्रगति पथ पर तो इन नियमों को अपना लो
दिखावटी दुःख दर्द तो समझना मुश्किल नहीं है
साधरण जन के लिए
मतदान करना अधिकार है साधरण जन का।

Topic(s) of this poem: unity


Comments about हमेशा by Ajay Srivastava

  • Abdulrazak Aralimatti (10/23/2015 7:18:00 AM)


    Verily, voting for the common man is the right of
    every common man.....10
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Poem Submitted: Friday, October 23, 2015



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