Thursday, December 3, 2015

मै मेरी यादें और तुम Comments

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मेरी यादो के टुकडे, तुम जोडते रह जाओगे ।

मै तो दरिया हूँ, मेरी धार तुम रोकते रह जाओगे ।
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Ashok kumar maurya
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Rajnish Manga 03 December 2015

मेरी यादो के टुकडे, तुम जोडते रह जाओगे । मै वक्त सा गुजर जाऊँगा तुम देखते रह जाओगे।.... आपकी अभिव्यक्ति में गंभीरता है और शैली में व्यापकता है. बहुत बहुत धन्यवाद. कुछ शब्द सुधार लें जैसे शनम = सनम / मैने हर जुल्म सहे = मैंने हर ज़ुल्म सहा / झड = झड़

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Ashok kumar maurya

Ashok kumar maurya

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