अफ्रीका के जंगलों में Poem by Upenddra Singgh

अफ्रीका के जंगलों में

खबर है कि
अफ्रीका के जंगलों में रहनेवाले गिरगिटों ने
भारतीय नेताओं को
अपनी प्रजाति का प्राणी बताया है
और उन पर अपना जातिगत हक़ भी ज़ताया है,
‘अफ्रीकी गिरगिट मंच’ के एक प्रबुद्ध प्रवक्ता ने
अपने दावे के पक्ष में दलील देते हुए बताया
रंग बदलने में हम दोनों ही माहिर हैं,
दोनों की कला जगजाहिर है,
दोनों के खून की एक सी रंगत,
दोंनों बहुरूपिये हैं
दोनों की आदिम संगति है.
सम्बन्धों की यह सच्चाई
दिन के उजाले की भांति स्वच्छ है,
हम दोनों का ही बाप मगरमच्छ है.
फिर भी संदेह हो तो
हमारा डी एन ए टेस्ट करा लो
फिर
दूध का दूध और पानी का पानी पा लो.
उपेन्द्र सिंह ‘सुमन’

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Azamgarh
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