Ajay Srivastava

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दिल मै है - Poem by Ajay Srivastava

वो दिल के पास आते
धडकने हमारी बड जाती है|
चंचल दिल है हमारा
दिल डर से कह उठता है|

पाप हमारे दिल मै है|
वो दिल हमारे दिल का हाल न जान ले
लोग तो यू ही दिल को पास लाने का प्रयास करते है|
हम तो दिल को दिल से दूर करने का प्रयास करते है|
उनका दिल नादान और मासूम है|
हमारा दिल चंचल और स्वार्थ से भरा है |

दिल तो दिल है |
अपना समझने की भूल
दिल अपना हो या पराया
यह भूल कर बेठता है|

Topic(s) of this poem: expressions


Comments about दिल मै है by Ajay Srivastava

  • Rajnish Manga (1/18/2016 4:33:00 AM)


    बहुत सुंदर. प्रेम में सशंकित मन की भावनाओं को आपने बेहद खूबसूरती से अभिव्यक्त किया है. धन्यवाद, मित्र.
    लोग तो यू ही दिल को पास लाने का प्रयास करते है|
    हम तो दिल को दिल से दूर करने का प्रयास करते है|
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Poem Submitted: Monday, January 18, 2016



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