जब छलका आंसू आंखो से, उलझी सी बहकी सी याद बनके तेरी
समझकर मोती अपना लिया वो भी, लिया लहूं में उतार जानकर तेरा उसको
इरादा तोह किया था मरने का, विरह के इस दर्द में हमने
समय से मुकर आये यूं ही, जी लिया हर बार मानकर तेरा खुदको
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सुंदर काव्यात्मक अभिव्यक्ति.