मुझमे आग प्रबल हो, मैं भारत खोज में निकला हूं,
कुंठा कोई अचरज, पनघट पर प्यासा फिरता हूं,
मैं गुरु हूं, मुझमे प्रलय है, मुझमे राह प्रसस्त है,
ज्ञान मेरी दौलत, राज कुबेर पर न्योछाबर करता हूं,
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