अब तो हर दिन होली रात दीवाली Poem by Ajay Kumar Adarsh

अब तो हर दिन होली रात दीवाली

अब तो हर दिन होली रात दीवाली
साहब ने छोड़ा घरवाली
पियें ज़ाम अब चलो कलाली
नाच बसंती कर कव्वाली

Sunday, December 24, 2017
Topic(s) of this poem: humour
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Ajay Kumar Adarsh

Ajay Kumar Adarsh

Khagaria (Bihar) / INDIA
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