सहमा सहमा सा दिल Poem by Rajesh Kumar

सहमा सहमा सा दिल

Rating: 5.0

सहमा-सहमा सा दिल है
तेरे आने की उम्मीद है
जला कर रखता हुँ चराग
मेरी आँखों के
कहीं खत्म ना हो जाए
इंतजार
जल ना साँसों की बाती
तेरे आने से पहले
तमन्ना भर है तेरे दीदार की
ये आखरी ख्वाईश है तेरे यार की
सुकून से सो जाऊँगा एक दिन
तेरी बातें करते करते
कहीं खत्म ना हो जाए इंतजार
वक्त रहते रहते

राज स्वामी

सहमा सहमा सा दिल
Saturday, April 28, 2018
Topic(s) of this poem: love and dreams
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