जैसे देखते हैं वैसे ही ढल जाती है दुनियाँ.
निगाहें बदल के देखो तो बदल जाती है दुनियाँ.
तुम जिन नजारों से खौफ़ खाते हो अक्सर.
देखा है देख उनको उछल जाती है दुनियाँ.
जिन राहों पे चलते सांस थम जाती है तुम्हारी.
उन्ही राहों से मुस्करा के निकल जाती है दुनियाँ.
तूं अपनी अदाओं पे हँसता है गुरूर करता है.
देख कर तेरा ये ढंग उबल जाती है दुनियाँ.
गिर पड़े और उठने की कोशिश भी नहीं की तुमने.
हमने देखा है गिरते-गिरते संभल जाती है दुनियाँ.
प्यार में धोखा अच्छे-अच्छों ने खाया है ‘सुमन'
इश्क की राह पर अक्सर ही फिसल जाती है दुनियाँ.
तुम जिसे पाकर रोते रहे ताउम्र ‘सुमन'.
उसे पाने को हमने देखा मचल जाती है दुनियाँ.
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