Tuesday, July 24, 2018

गज़ल Comments

Rating: 5.0

बे वक़्त वो खत हमें जमाने से मिले
वो खुशी कहाँ जो तेरे मुस्कुराने से मिले ।

सरे राह दोस्त भी टकराने से मिले
...
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Akash solanki
COMMENTS
Rajnish Manga 25 July 2018

प्रेम की भावना को समर्पित एक खुबसूरत ग़ज़ल. खूब लिखते रहिये. धन्यवाद.

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