मैं हूँ थानेदार बता क्या कर लेगा.
मेरे एक इशारे पर क़ानून तुझे ये धर लेगा.
समझ-समझ के जो ना समझे तो फिर तेरी खैर नहीं.
मेरे अजातशत्रु डंडे से किया किसी ने बैर नहीं.
शर्तों पर कर हेरा-फेरी लूट-पाट कर खुल्लमखुल्ला.
पर मुझको पहुँचाते रहना दूध मलाई रसगुल्ला.
मेरे पॉकेट में सरकार बता क्या कर लेगा.
मैं हूँ थानेदार बता क्या कर लेगा.
ये क़ानून ये संविधान सब कुछ है मेरी मुठ्ठी में.
ये अधिकार पुलिस को हासिल बचपन से ही घुट्टी में.
हम जो चाहे कर लेते हैं और सहज करवा लेते हैं.
घर पर भेज पुलिस वालों को घर से ही उठवा लेते हैं.
है मुझको सब अधिकार बता क्या कर लेगा?
मैं हूँ थानेदार बता क्या कर लेगा.
मेरी कलम जानता है तूं डंडे से भी है प्रलयंकर.
अगर कहीं चल जायेगी तो होगा फिर परिणाम भयंकर.
इसीलिए तो कहता हूँ समझ-समझ नासमझ न बन.
मेरा जो कहना मानेगा बना रहेगा ये गुण्डापन.
मैं लूगा तेरे बीबी का वो हीरोंवाला हार बता क्या कर लेगा.
मैं हूँ थानेदार बता क्या कर लेगा.
तूं हैं अगर चोर गुंडा तो मैं हूँ यहाँ का थानेदार.
मेरी माँगों से ना करता कोई समझदार इनकार.
हर अच्छा गुंडा मुझको मेरा समय पे दे जाता है.
लूट-पाट कुछ हो या ना हो मुझको हप्ता पहुँचाता है.
है मुझको अपने हिस्से की दरकार बता कया कर लेगा.
मैं हूँ थानेदार बता क्या कर लेगा.
दोनों हाथों काम किये जो मेरा हो मुझे दिए जा.
मैं हूँ अपनी बात का पक्का जा मस्ती का ज़ाम पिए जा.
मगर अगर कि चालाकी तो ईंट से ईंट बजा दूंगा.
कांपेंगी तेरी सौ पुश्तें ऐसी तुझे सजा दूँगा.
ये मेरा है व्यापार बता क्या कर लेगा.
मैं हूँ थानेदार बता क्या कर लेगा.
तेरे जैसे कितनों की अर्थी मैंने उठवा दी.
खाल खींच भूषा भरकर सूली पर लटका दी.
इनकाउंटर में मार तुझे मैं मैं तेरा सच बतला दूँगा
तेरे काले कर्मों का काला चिठ्ठा खुलवा दूँगा.
तूँ गुंडा तो मैं तेरा सरदार बता क्या कर लेगा.
मैं हूँ थानेदार बता क्या कर लेगा.
कोर्ट मेरा है बाप कचहरी मेरी साली है.
जिसको तुम सरकार समझते वो मेरी घरवाली है.
बाकी सब मेरे डंडे की महाभयंकर माया है.
जिसकी लाठी भैंस उसी की दुनियाँ ने फरमाया है.
है उपरवाला भी मुझसे लाचार बता क्या कर लेगा.
मैं हूँ थानेदार बता क्या कर लेगा.
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