नयी शुरुआत Poem by Narender Singh Bansal

नयी शुरुआत

हर साँस में
जीने का एहसास होता है ।

हर हाड़ माँस में
मानव होने का एहसास होता है।

हर मानव में
आत्मसम्मान और गर्व का वास होता है।

बस इतना सा एहसास
एक नयी शुरुआत का आग़ाज़ होता है।

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