मतला एक शेर और मकता
वो प्यार जताती है दिल में उतर जाती है क्या करूं?
ये दिल्ली की हवा मेरे घर में ठहर जाती है क्या करूं?
कातिल है अदा इसकी विषकन्या सी लिपट जाती है।
अहले दिल को चाक-चाक कर जाती है क्या करूं?
मुस्कराओ लोगों कि दिल्ली से दूर बहुत दूर हो 'सुमन'।
मजबूर हाँ मजबूर हूँ मैं आँख भर जाती है क्या करूं?
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