मैं कवि हूँ Poem by KANAK PRAKASH JOSHI

मैं कवि हूँ

क्या कहूँ अपने विषय में? मैं कवि हूँ, मैं सभी हूँ, जो नहीं हूँ वो अभी हूँ, मैं कभी था जो कभी भी, मैं यहीं हूँ, में यही हूँ।
क्या कहूँ अपने विषय में? मैं कवि हूँ मैं सभी हूँ। - कनक प्रकाश जोशी।

मैं कवि हूँ
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