उदासी से बड़ी कोई त्रासदी नहीं! ! Poem by Spriha Sakshi

उदासी से बड़ी कोई त्रासदी नहीं! !

उदासी अक्सर मौन की ओर ले जाती है,
और मौन अक्सर एकांत की ओर।।
एकांत अक्सर अंधकार की ओर ले जाते हैं,
और अंधकार अक्सर अवसाद की ओर।।

शायद इस जहां में,
उदासी से बड़ी कोई त्रासदी नही।।

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