अहम पर फतह Poem by Himanshu Sharma Sharma

अहम पर फतह

मुश्किलें झकझोर देंगी तुम्हें,
डटे रहना तुम्हारे हाथ में है,
परिस्तिथियां मजबूर करेंगी तुम्हें,
विवेक रहना तुम्हारे हाथ में है।

गिरना समय की व्यवस्था है,
दोषारोपण तुम्हारे हाथ में है,
बढ़ना तो सोच का परिणाम है,
साबित करना तुम्हारे हाथ में है।

ना कर कमजोर पर वार तू,
साहस प्रदर्शन तुम्हारे हाथ में है,
ललकार चुनौतियों को अब तू,
अहम पर फतह तेरे हाथ में है।

अहम पर फतह
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