निपुण भारत Poem by Bhanupratap Tiwari

निपुण भारत

कदम कदम बढ़े चलो निपुण भारत नायक
सफल कामना हेतु विजय गीत गायक
भाषा ज्ञान रचकः स्वतंत्रता प्रवर्तकः
सुबोपली सूत्र नायकः मौखिक विकास प्रवर्द्धकः।
संख्या बोध सृजकः तर्क सोच दायकः
शिक्षाप्रद सूत्र नायकः गणितीय ज्ञान विस्तारक।
वाणी विराजे सरस्वती
कर में विराजे लेखनी
हृदय बिराजे वीरता
अदम्य साहस शोभिता ।

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