कुछ मत कहिये..... Poem by Ajay Kumar Adarsh

कुछ मत कहिये.....

हॉ!
सुनते रहिये...
बैठकर देश की बदहाली.....
और कोसते रहिये....
वोट देते रहिये......
दंस हर-रोज़ सहते रहिये.....
लोकतंत्र लोकतंत्र जपते रहिये......
बड़े स्वतंत्र और छोटे परतंत्र रहिये......
चाहे जो भी हो जाय कुछ मत कहिये...
कुछ मत कहिये.....

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Ajay Kumar Adarsh

Ajay Kumar Adarsh

Khagaria (Bihar) / INDIA
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