Saturday, April 25, 2015

प्रतीक्षा और अभिलाषा Comments

Rating: 0.0

प्रतीक्षा और अभिलाषा

राह देखते आँखें ठहरी, आजाओ ना पास प्रिये
छोड़ जहाँ की दुनियादारी, आओ कुछ पल साथ जियें
...
Read full text

Rohitashwa Sharma
COMMENTS
Close
Error Success