गांव का जीवन Poem by ??? ????????? ????

गांव का जीवन

गांव का जीवन हमसे पूछिए,
इस जीवन मे आप रम जाइये।
कोलाहल से रहित है गांव,
साहसी, उद्यमियों से आश्रित है गांव।
गांव के ये सुन्दर खेत,
काम करते परिवार समेत।
चारों तरफ हरियाली छाई,
किसानो के मन मे उम्मीद जगाई।
पक्षी यहाँ पे कलरव करते,
अपनी मस्ती मे सब लोग रहते।
घर की है सुंदरता न्यारी,
लीपती घर को गोबर से नारी।
नीलगाय भटक रही है,
कहीँ लौकियां लटक रहीँ है।
गांव मे बंदर ज़ब भी आते,
बच्चों को वे खूब चिढ़ाते।
कृषक खेत के काम मे लगा है,
कीचड़ से वह सना पड़ा है।

POET'S NOTES ABOUT THE POEM
मै कार्तिकेय गर्ग हु यह कविता गांव मे आधारित है इसे पड़े और गांव के जीवन मे रम जाएँ धन्यवाद
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