Shayari (तूने किया झूठा प्यार मैने सच्चा समझा
बेवफ़ा तूने दिया धोखा मैने उसे भी वफा समझा')
यूं वफा वाली तू भी बेवफा कर गई...२
न जानें कि बात कहकर, तू जाकर गई,
तूने मुझे पहले दीवाना फिर पल भर में बेगाना कर दिया।
दीवाना बन खुदा से हम दुआ करती मगर
यू अंशुयों से निकले लब्ज़ दुआ करते अगर।
आशा बनी कभी निराशा बन गई,
यूं वफा वाली तू भी वेवफा कर गई,
किया था मोहब्बत मैने भी उतना
न जाने फिर क्यों ऐसी खाता कर गई..२
किया था भरोसा ये जाने जिगर
पर तोड़ा ये साथ तूने मगर
यूं अलगा अल्गा रहा जाए न बिछड़ी सुरतिया भुला जाए न...
निंदिया न आवे बिन देखें सुरतीया
तू जानें ये कैसे रहा जाए न,
यूं वफा के बदले बेवफा कर गई
सोचा न था कि चाहूंगा बेइंतहा
... यूं वफा वाली तू भी वेवफा कर गई..२
(लड़की की आवाज)
किया तूने भी वफा कौन सा
थी मजबूरी ये समझो न जानें जिगर
न दो तुम हमको ये बेवफ़ा वाले नाम
ये समझो कैसे गुजरी है रतिया
रोते रोते भीगे सी पलके
नैना का कौन सा दोष न जानें
लगाए तो पहले दिल क्यों न जानें।
सहते सहते हम मर जाए
यूं अलगा न तुमसे हम रह पाएंगे।
यूं वफा वाली तू भी वफा कर गई...२
शायरी--- (यूं बेवफ़ा कहते हो मुझे तुम कौन सा वफा कर दिए थे गैरो की बाहों में क्या यही है वफा'
'जाते हो चले जाओ यूं फिर न करना हम थे संभल गए औरों के संग मत करना ')
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