मेरा देश, मेरी माँ Poem by Ananya Vishal

मेरा देश, मेरी माँ

माँ से बढ़कर कोई नहीं,
देश से प्यारा कोई नहीं।
जैसे माँ का चेहरा प्यारा,
वैसे ही मेरा देश हमारा।

सह्याद्रि पर्वत ऊँचे खड़े,
घर की राह दिखाते बड़े।
पेरियार, कावेरी की धार,
लगें गहनों जैसे मनहार।

रंग-बिरंगे त्योहार यहाँ,
खुशियाँ लाते सबके जहाँ।
समुद्र तट की लहरें गाएँ,
भारत माँ को नमन कराएँ।

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