(मंच मंद रोशनी में है। एक टेबल लैम्प अकेला उजाला फैला रहा है। कागज, किताबें और स्केच बिखरे हुए हैं। वक्ता टेबल पर झुका है, हाथ में कलम, आँखें थकी हुई लेकिन फोकस में हैं।)
रात शांत है।
कुछ लोग कहते हैं—बहुत शांत।
लेकिन मुझे यहाँ सुकून मिलता है—शांति में, छायाओं में, उन क्षणों में जिन्हें दुनिया भूल जाती है।
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