(एक अकेला व्यक्ति मंद रोशनी में खड़ा है। वातावरण स्थिर है, अनकही यादों से भरा हुआ। स्वर धीमा है—फिर स्वीकारोक्ति की तरह उतार-चढ़ाव लेने लगता है।)
मैं कभी मानता था कि शांति एक जीत है—
हार के मलबे पर गाड़ा गया झंडा,
घाव पर जबरन ओढ़ी गई मुस्कान,
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