मुहावरा अर्थ: कोई खतरनाक व्यक्ति जो मासूमियत की आड़ में छुपा हो
(मंच पर मंद रोशनी। एक अकेला व्यक्ति कदम बढ़ाता है, आँखों में डर और क्रोध का मिश्रण। आवाज़ पहले कांपती है, फिर गूँजने लगती है।)
क्या तुम उन्हें देख सकते हो? ओह, तुम सोचते हो कि देख रहे हो… पर गौर से देखो। उस मधुर मुस्कान के पीछे, उस कोमल आवाज़ के पीछे, एक भूख छिपी है… एक ऐसी भूख जो रेशमी मासूमियत में लिपटी हुई है। वे हमारे बीच चलते हैं, मीठी बातें फुसफुसाते हैं, दयालुता का ऐसा आवरण दिखाते हैं जैसे यह उपहार हो… लेकिन यह कोई उपहार नहीं है। यह एक जाल है।
मैंने बहुत देर से सीखा। कितनी मूर्खतापूर्ण थी मेरी भरोसेमंद दिल की आदत, कि मैंने दांतों को lullaby समझ लिया, पंजों को आलिंगन। कितना आसानी से दुनिया बहकती है! कितना आसानी से हम विश्वास के नकली मुखौटे के पीछे बहक जाते हैं। वे सीधे हमारे सामने रहते हैं, हमेशा मुस्कुराते हैं, हमेशा दयालु होते हैं… जब तक कि वह पल न आए जब मुखौटा उतर जाए। और ओह, तब का विनाश!
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