Wednesday, July 15, 2020

Halaat Comments

Rating: 5.0

अक्सर हम हालात के आगे मजबूर हो जाते है
चाहे हम कितने ही सही हो पर लोगों की नज़र में क़सूरवार बन जाते है
सब खेल क़िस्मत का है कहे कर बात खतम तो नहीं कर सकते
जितना मिला उसी में खुश रहे कर आगे बढ़ना तो कम नहीं कर सकते
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Manisha Kholiya
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