Hindi Haiku ghazal (boond) हाइकू ग़ज़ल Poem by S.D. TIWARI

Hindi Haiku ghazal (boond) हाइकू ग़ज़ल

हाइकू ग़ज़ल, एक बूँद

सिंधु किनारे
बैठा ढूंढता मुसाफ़िर
गिलास पानी का

सावन बीत गया
पपीहे को तरसाया
एक बूँद पानी का

भटकती हिरनी
मरू का रेत समझती
तड़ाग पानी का

मेघ देख मोरनी
नृत्य करती, बरसेंगे
बूँदें पानी का

बुझा न पाई
पिया बिन प्यास, विरहन की
लाख बूँद पानी का

घट तर जाये जो
पा जाऊं तेरा नाम लिखा
एक बूँद पानी का

(c) एस० डी० तिवारी

Thursday, October 2, 2014
Topic(s) of this poem: ghazal,hindi
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