It Is A Translation Of Poem By Fady Joudh Poem by Anuradha Annanya

It Is A Translation Of Poem By Fady Joudh

नाम/Fady Joudh

मेरे ख़्वाब देखने के लिए शुक्रिया
मुझे बताने के लिए
जागने के लिए, ये याद रखने के लिए कि तुमने ख़्वाब देखा था

मैं जब ख़्वाब देखता हूं तुम्हारा, तो नहीं जागता कभी मैं

क्या था वो जिसने तुम्हें जगाया
क्या ये जिस्म था
किसी और का?

एक थोड़ी सी सिरहन, एक छोटा सा
राज़ है अपना
और एक तमन्ना है महफूज़ सफ़र की
अछूते ख़ून में

अनुवाद- अनुराधा अनन्या
कविता- Fady Joudh, फिलिस्तीनी अमरीकी कवि
21/04/2023

COMMENTS OF THE POEM
READ THIS POEM IN OTHER LANGUAGES
Close
Error Success