सोये पड़े हैं जज्बे, उन्हें झकझोर जगाओ तुम।
है भटका जा रहा युवा, बनकर पथ प्रदर्शक तुम,
लाये जो रवानी वह, जुनूं का बिगुल बजाओ तुम।..... जन जन में आज देशभक्ति का जज्बा जागृत करना बेहद ज़रूरी है. इस तथ्य को रेखांकित करने वाली इस रचना की सामयिक प्रस्तुति हेतु धन्यवाद.
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सोये पड़े हैं जज्बे, उन्हें झकझोर जगाओ तुम। है भटका जा रहा युवा, बनकर पथ प्रदर्शक तुम, लाये जो रवानी वह, जुनूं का बिगुल बजाओ तुम।..... जन जन में आज देशभक्ति का जज्बा जागृत करना बेहद ज़रूरी है. इस तथ्य को रेखांकित करने वाली इस रचना की सामयिक प्रस्तुति हेतु धन्यवाद.