बिछड़े प्यार कि कहानी Poem by Kavi Vivek Kumar ALLAHABADI

बिछड़े प्यार कि कहानी

न हम होंगे न तुम होगे,
ज़मीं पे आसमां होंगे।
यु हर दिल पे सितम होगे,
न जाने हम कहां होंगे।

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