ख्वाब पुरे नहीं होते
रविवार, २ अगस्त २०२०
ख्वाब पुरे नहीं होते
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Poem: 58890398 - ख्वाब पुरे नहीं होते.. Khwab Member: Sharad Bhatia खुद कठोर बन हमे मुलायम जैसा बनाया, खाली जेब होते हुए भी खुद को राजा बताते थे। और अपने आप को बेच कर भी, हमारे लिये भी ढेर सारे खिलौने जो लाते थे।।
Good evening sir, " पापा" से ही सारा संसार होता है, . जिसके नसीब मे पापा नहीं उसका जीवन खराब होता है क्यूंकि अपने सपने का गला घोट कर, हमारे सपने पूरे किये।। अपने सपने को बेच, हमारे सुनहरे सपने खरीद लिये।। हमारी की गई गलतियों को खुद को ज़िम्मेदार बताया, खुद नीचे सो कर हमे पलंग पर सुलाया।। खुद कठोर बन हमे मुलायम जैसा बनाया, खाली जेब होते हुए भी खुद को राजा बताते थे। और अपने आप को बेच कर भी, हमारे लिये भी ढेर सारे खिलौने जो लाते थे।।
S. R Chandralekha 💯Absolutely right Why don't they realize They may have to face same fate one day. 1 Hide or report this Like · Reply · 1h
welcome s r chandrslekha 1 Edit or delete this Like · Reply · 8m
आज है तुम्हारा, कल रहोगे बेचारा बिन सहारा किस्मत का मारा। डॉ। जडिआ हसमुख
Poem: 58890398 - ख्वाब पुरे नहीं होते.. Khwab Member: Sharad Bhatia Comment: Good evening sir, " पापा" से ही सारा संसार होता है, . जिसके नसीब मे पापा नहीं उसका जीवन खराब होता है क्यूंकि अपने सपने का गला घोट कर, हमारे सपने पूरे किये।। अपने सपने को बेच, हमारे सुनहरे सपने खरीद लिये।। हमारी की गई गलतियों को खुद को ज़िम्मेदार बताया, खुद नीचे सो कर हमे पलंग पर सुलाया।।