निष्पक्षतावाद
एक करवट में होश में आना
हाथ और पैर बंधे और मुंह एक रेल की पटरी पर चढ़ गया
चुप पूरी
शर्ट और पतलून ओस में डूबा हुआ
चमकते हुए ड्रोन
एक ग्रामीण उदास रात-तारे सितारों के साथ जड़ी
मुंह से छींटे के ऊन के रूप में चिल्लाया नहीं जा सकता
पसलियों और पिंडली की हड्डी टूट गई - - हिलना संभव नहीं
कड़ी पत्थर की चिप्स पीछे से काटते हैं
दुनिया कितनी खूबसूरत है और हर जगह शांति ही शांति है
एक-एक अंधेरे को भेदते हुए मार्ग पर एक पिनहेड प्रकाश दौड़ रहा है।
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