ज़िंदगी कितनी तकनीकी हो गयी है
जो फ़ोटो कोडेक से लेते थे
फिर रील लेके बड़े चाव से
एल्बम डेवेलप करवाते थे
जो अब तक सहेज के रखी है
वो तसवीरें बड़े प्यार से देखने को
कुछ लम्हेंसाथगुज़ारा करते थे
अब कैमराहमेशा साथ है और सब एक्स्पेर्ट
छोटे से डब्बे नुमा HD में बंद पढ़ी है
सुनहरी यादें, मीठे से पल
अरे! Time किसके पास है?
अमा जब होगी फुरसत इस busy schedule से
कभी गलती से कोई घर आ जाए
भूला बिसरा कोई (शायद) अपना
तो खोल लेंगे इस बंद डिब्बे को
वोबैठा देखता रहेबेचारा अकेला
(कहा न बातें करने काअब Time नहीं)
घर का खाना? ? ? नहीं भाई swiggy है ना!
क्या कहा? रात भर बचपन relive करेंगे?
न भाई ना!गए वो दिन, वो ज़माने
Live in the present, don't dwell on the past
क्या तुम्हें पता नही अब तो सब कुछ Digital है, सब कुछ
इमोशन्स दिखाने है तो emoticon भेजो
और ज़्यादा हो तो GIF है ना!
क्योंकि No time boss, no Time! ! ! !
To be continued soon...(if Time permits)
This poem has not been translated into any other language yet.
I would like to translate this poem