Wednesday, July 27, 2016

Preet Ka Itar (Hindi Song) प्रीत का इतर Comments

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प्रीत का इतर जाने, किसने पठाया।
पीर का डंक उसका हरदम सताया।
मिला जो पीर मुझको, मेरे यार से,
रख लिया दिल में, उसे सम्भाल के
...
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S.D. TIWARI
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Rajnish Manga 28 July 2016

'पीर को मैंने फिर, गीतों में ढाल दिया' प्रेम के इस रंग (पीड़ा) का भी अपना आनंद है जिसे आपने अपनी इस कविता में बहुत सुंदरता से व्यक्त किया है. धन्यवाद, तिवारी जी.

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S.D. TIWARI

S.D. TIWARI

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