गली में ये शोर महज़ शोर नहीं, एक गहरी साज़िश का हिस्सा है,
तुम्हारी शांति भंग करने का, ये सरहद पार का किस्सा है।
वो फेरी वाले, वो कालू-महबूब, सब एक ही जाल के प्यादे हैं,
जुड़े हैं तार इनके ISI से, और मंशा बड़ी इरादे हैं।
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