Wednesday, January 21, 2026

मैंने प्रेम जाना ही नहीं Comments

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सच्चा प्रेम वह नहीं जो मौसम-सा बदल जाए,
जो आज पास हो—और कल हवाओं में बिखर जाए।
वह तो दीप है, जो आँधियों में भी जले,
जो तम की छाती चीर—अपनी लौ से राह लिखे।
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Pushp Sirohi
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