🇮🇳 1) 'मेरा भारत महान'
मेरा भारत महान… ये सिर्फ़ शब्द नहीं,
ये मिट्टी की वो खुशबू है
जो हर सांस में विश्वास बनकर उतरती है।
यहाँ पर्वतों की ऊँचाई में
हौसलों का आसमान बसता है,
और नदियों की धारा में
संस्कृति का संगीत बहता है।
तिरंगा जब लहराता है,
तो सिर्फ़ हवा नहीं बदलती—
हमारे भीतर
एक नई आग जलती है।
सफेद रंग में शांति नहीं,
सच की शक्ति होती है,
हरा रंग उम्मीद नहीं,
कर्म की जिद होती है,
और केसरिया…
वो तो बलिदान की पहचान है।
भारत—
जहाँ मंदिर की घंटी,
मस्जिद की अज़ान,
गुरुद्वारे की अरदास
और चर्च की प्रार्थना
एक ही दिल की धड़कन बन जाते हैं।
हम अलग होकर भी एक हैं—
यही भारत की सबसे बड़ी शान है।
— पुष्प सिरोही
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🇮🇳 2) 'माँ भारती का आँचल'
माँ भारती का आँचल
मेरे लिए कवच है,
इसकी छाँव में
हर दुख भी सहज है।
ये मिट्टी नहीं…
ये माँ की ममता है,
जो हर भारतीय को
एक सूत्र में बाँधती है।
मैं जिस हवा में साँस लेता हूँ,
वो आज़ादी की हवा है,
जिसमें शहीदों के सपनों की
पवित्र दुआ है।
भारत का नाम आते ही
सीना खुद-ब-खुद चौड़ा हो जाता है,
क्योंकि भारत
रक्त से नहीं—
संस्कारों से बनता है।
तिरंगा मेरे माथे का ताज है,
मेरे जीवन की आवाज है,
भारत मेरी पहचान है,
और भारत ही मेरी सांस है।
— पुष्प सिरोही
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🇮🇳 3) 'तिरंगे की शपथ'
चलो आज तिरंगे की शपथ लें—
हम भारत को टूटने नहीं देंगे।
किसी नफरत को
रिश्ते जलाने नहीं देंगे,
किसी लालच को
ईमान गिराने नहीं देंगे।
क्योंकि भारत
सिर्फ़ जमीन का टुकड़ा नहीं,
ये आत्मा का देश है।
यहाँ हर भाषा
भाईचारे की रागिनी है,
हर संस्कृति
माँ की तरह अपनी है।
तिरंगा जब हाथ में आता है,
तो जिम्मेदारी बढ़ जाती है,
ये रंग हमें सिखाते हैं
कि भारत को सिर्फ़ चाहना नहीं,
भारत के लिए जीना है।
— पुष्प सिरोही
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🇮🇳 4) 'भारत मेरी धड़कन'
भारत मेरी धड़कन है,
मेरी हर सांस में
इसकी गूंज है।
हिमालय की ऊँचाइयों से लेकर
समंदर की लहरों तक,
भारत का नाम
मेरे दिल की नसों में बहता है।
ये देश
सहनशीलता की मिसाल है,
और पराक्रम की ढाल है।
यहाँ लोग कम में भी
हंसना जानते हैं,
और मुश्किल में भी
चलना जानते हैं।
हमारा भारत
अलग-अलग रंगों का गुलदस्ता है,
जिसका नाम ही
दुनिया का सबसे बड़ा संदेश है—
'एकता।'
— पुष्प सिरोही
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🇮🇳 5) 'मेरी पहचान भारत'
जब कोई पूछता है—
कौन हो तुम?
तो मैं गर्व से कहता हूँ,
मैं भारत हूँ।
मैं वो सूरज हूँ
जो हर सुबह
नए हौसले लाता है,
मैं वो चाँद हूँ
जो अंधेरों में
राह दिखाता है।
भारत की मिट्टी
मेरी नसों में है,
भारत की संस्कृति
मेरी आत्मा में है।
मैं इस देश को
सिर्फ़ सलाम नहीं करता,
मैं इस देश को
दिल में रखता हूँ।
— पुष्प सिरोही
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🇮🇳 6) 'भारत का सम्मान'
भारत का सम्मान
हमारा धर्म है।
ईमान से चलना,
सच के साथ रहना,
और गलत के खिलाफ खड़ा होना—
यही भारत का कर्म है।
देशभक्ति
नारे लगाने में नहीं,
देशभक्ति
देश बनाने में है।
आओ संकल्प लें
हर काम में
भारत की इज्जत जोड़ेंगे।
तिरंगा सिर्फ़ झंडा नहीं,
यह हमारी पहचान की
सबसे ऊँची उड़ान है।
— पुष्प सिरोही
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🇮🇳 7) 'एक भारत'
एक भारत—
जहाँ कश्मीर की बर्फ में
देश की ठंडक नहीं,
देश की शान है।
जहाँ राजस्थान की रेत में
संघर्ष की कहानी है।
जहाँ केरल की हरियाली में
सपनों की नमी है।
हम अलग हैं—
पर दुश्मन के आगे
एक हैं।
हमारी विविधता ही
हमारी ताकत है,
और भारत की एकता
दुनिया की सबसे बड़ी
दौलत है।
— पुष्प सिरोही
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🇮🇳 8) 'भारत की मिट्टी'
भारत की मिट्टी
सोना उगाती है,
किसान के पसीने से
रोटी बनाती है।
यही मिट्टी
शहीदों को अमर बनाती है,
और बच्चों के सपनों को
आसमान दिखाती है।
तिरंगे की शान
हमारे लिए वचन है,
और भारत का नाम
हमारे लिए जनून है।
— पुष्प सिरोही
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🇮🇳 9) 'तिरंगा मेरा अभिमान'
तिरंगा मेरा अभिमान है,
मेरे दिल की पहचान है।
केसरिया— बलिदान,
सफेद— सत्य,
हरा— विश्वास,
और अशोक चक्र—
कर्म की चाल।
भारत की मिट्टी
मेरे माथे की रेखा है,
भारत के लिए जीना
मेरी आत्मा की लेखा है।
मैं झुकता हूँ
तो बस भारत माँ के आगे।
— पुष्प सिरोही
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🇮🇳 10) 'भारत: मेरा गर्व'
भारत मेरा गर्व है,
भारत मेरा धर्म है,
भारत मेरी पूजा है,
भारत मेरा कर्म है।
मैं चाहता हूँ
दुनिया भारत को देखे,
भारत की सभ्यता को जाने,
भारत के संस्कार को माने।
हम वही हैं
जो शांति में भी
सम्मान रखते हैं,
और जरूरत पड़े तो
तूफान भी बन जाते हैं।
तिरंगा मेरी रूह का रंग है,
और भारत
मेरे अस्तित्व का संग है।
— पुष्प सिरोही
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🇮🇳⚔️ 1) 'रणभेरी'
ये युद्ध केवल सीमा का नहीं,
ये युद्ध स्वाभिमान का है।
हम भारतीय हैं—
हमारे लहू में
मातृभूमि का सम्मान बहता है,
और हमारी सांसों में
विजय का मंत्र पलता है।
जब तिरंगा पुकारता है,
तो शेरों की नींद टूटती है,
और इतिहास की नसों में
नई बिजली कूदती है।
हम वो नहीं जो डरकर रुक जाएँ,
हम वो हैं जो
अंधेरों में भी
दीपक की तरह जल जाएँ।
हमारी तलवार
सिर्फ़ हथियार नहीं—
ये धर्म है,
ये शपथ है,
ये भारत माँ के नाम की
सबसे पवित्र कथा है।
— पुष्प सिरोही
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⚔️ 2) 'शेरों की नस्ल'
हम शेरों की नस्ल हैं,
हमें झुकना नहीं आता।
हमारी गर्दन पर
मृत्यु भी बैठे
तो हम मुस्कुराते हैं—
क्योंकि भारत के बेटे
डर को नहीं मानते,
डर को रौंदते हैं।
हमारी छाती पर
तिरंगे का निशान है,
और हमारी आँखों में
सिर्फ़ एक ही अरमान है—
भारत की शान रहे,
भारत का मान रहे,
और दुश्मन की हर चाल
सिर्फ़ धूल बन जाए।
— पुष्प सिरोही
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⚔️ 3) 'सीमा का प्रण'
सीमा पर खड़ा हूँ मैं,
मेरे पीछे पूरा भारत है।
मेरे कदमों में
हिमालय का गर्व है,
और मेरी राइफल में
माँ भारती की शक्ति है।
अगर दुश्मन आएगा,
तो लौटेगा नहीं—
क्योंकि हम
अपने खून से भी
सीमा की रेखा
मजबूत कर देते हैं।
और याद रखना…
हम शांति चाहते हैं,
पर अपमान का जवाब
तूफान से देते हैं।
— पुष्प सिरोही
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⚔️ 4) 'केसरिया शौर्य'
केसरिया रंग
कपड़ा नहीं,
ये ज्वाला है।
ये वो रंग है
जो शहीदों की छाती से
तिरंगे तक जाता है।
भारत का बेटा
जब चलता है,
तो जमीन कांपती है।
और जब गरजता है,
तो दुश्मन की रूह
थरथराती है।
क्योंकि हम
समझौते की भाषा नहीं,
विजय की भाषा बोलते हैं।
— पुष्प सिरोही
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⚔️ 5) 'जवान'
मैं जवान हूँ,
मेरी नींद तिरंगे के लिए है।
मेरी भूख
देश के सम्मान के लिए है।
मेरे चेहरे की धूल
मुझे गंदा नहीं करती—
ये मुझे
और पवित्र बनाती है।
क्योंकि मेरे शरीर पर
वर्दी नहीं,
भारत का विश्वास है।
और विश्वास टूटे
तो दुनिया हिल जाती है।
— पुष्प सिरोही
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⚔️ 6) 'विजय की हुंकार'
हमारी हुंकार
सिर्फ़ आवाज़ नहीं,
ये रणभेरी है।
ये वो तूफान है
जो दुश्मन की छाती में
भूकंप लिख देता है।
हम लड़ते हैं
तो जीतने के लिए,
और जीतते हैं
तो इतिहास के लिए।
हमारा नाम ही
दुश्मन के लिए
सबसे बड़ा डर है।
— पुष्प सिरोही
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⚔️ 7) 'मातृभूमि का कर्ज़'
मुझे याद है
मैं किस मिट्टी से बना हूँ।
ये मिट्टी
माँ की तरह है।
और माँ का कर्ज़
शब्दों से नहीं,
खून से उतरता है।
अगर वक्त आए
तो मैं हँसकर
बलिदान हो जाऊँ—
क्योंकि मेरा जीवन
सिर्फ़ मेरा नहीं,
भारत का है।
— पुष्प सिरोही
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⚔️ 8) 'तलवार और तिरंगा'
मेरे हाथ में तलवार है,
मेरे दिल में तिरंगा।
और मेरी आँखों में
भारत की आग।
मैं चाहता हूँ
मेरे देश का हर बच्चा
शेर बने,
क्योंकि भेड़ बनकर
इस दुनिया में
कोई सुरक्षित नहीं।
भारत का बेटा
कमज़ोर नहीं होता,
वो बस मौका देखकर
तूफान बनता है।
— पुष्प सिरोही
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⚔️ 9) 'शौर्य की कसम'
मैं कसम खाता हूँ—
भारत की शान
कम नहीं होने दूँगा।
मैं कसम खाता हूँ—
भारत की मिट्टी पर
कोई दाग नहीं लगने दूँगा।
अगर दुश्मन ने
हाथ बढ़ाया,
तो उसके हाथ के साथ
उसका घमंड भी
कटकर गिरेगा।
हम शांत हैं,
पर कमजोर नहीं।
हम भारतीय हैं—
हम बस सही वक्त पर
महाकाल बनते हैं।
— पुष्प सिरोही
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⚔️ 10) 'अमर वीर'
वीर मरते नहीं,
वीर अमर होते हैं।
उनकी साँस रुकती है,
पर उनकी शान
हर दिल में चलती है।
जो मिट्टी के लिए जिए,
जो मिट्टी के लिए मरे—
वो इंसान नहीं,
इतिहास बन जाता है।
मैं भारत का बेटा हूँ,
और मुझे गर्व है
कि मेरे भीतर
वीरों की नसों का रक्त है।
— पुष्प सिरोही
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