भारत का मान बढ़ाओ 🇮🇳 Poem by Pushp Sirohi

भारत का मान बढ़ाओ 🇮🇳

भारत का मान बढ़ाओ,
देश की धड़कन बन जाओ—
सिर्फ़ ताली नहीं बजानी है,
अब तूफान बन जाओ।

जागो युवा जागो,
अब नींदें तोड़ दो—
जो कल था कहानी,
आज उसे नया मोड़ दो।

ये वक़्त है उठने का,
वक़्त है बदलने का,
वक़्त है हर डर को
अपनी हथेली में मसलने का।

क्योंकि देश को चाहिए
अब सिर्फ़ नारे नहीं—
देश को चाहिए
कर्म के अंगारे सही।

जागो युवा जागो,
भारत पुकार रहा है,
हर गली, हर कोना
तुम्हारा इंतज़ार रहा है।

किताबों में मत खोजो
देशभक्ति की परिभाषा,
देशभक्ति है—
काम में ईमान,
और इरादों में भाषा।

देशभक्ति है—
रिश्वत के सामने
सिर न झुकाना,
देशभक्ति है—
गलत को गलत कहना
और सच को बचाना।

भारत का मान बढ़ाओ,
देश की धड़कन बन जाओ—
मेहनत को अपना धर्म बनाओ,
और जीत को अपना स्वभाव बनाओ।

सपने छोटे मत रखना,
तू आसमान की सोच रख,
क्योंकि भारत की मिट्टी
शेरों की गोद है।

जागो युवा जागो,
अब परिवर्तन लिखो,
हर हाथ में हुनर रखो,
हर दिल में राष्ट्र रखो।

जो देश को तोड़ें
उनके खिलाफ आवाज़ बनो,
जो देश को जोड़ें
उनके लिए आस बनो।

तुम्हारी आँखों में
भारत की रोशनी होनी चाहिए,
तुम्हारी चाल में
भारत की गरिमा होनी चाहिए।

तुम्हारी मेहनत में
राष्ट्र का भविष्य बसता है,
और तुम्हारी जीत में
भारत का तिरंगा हँसता है।

भारत का मान बढ़ाओ,
देश की धड़कन बन जाओ—
जागो युवा जागो,
बदल दो इस भारत को! 🇮🇳🔥
--पुष्प सिरोही

भारत का मान बढ़ाओ 🇮🇳
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