Monday, March 9, 2026

फ़रिश्ते Comments

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पलकों के किनारों पर एक बूँद ओस से आँसुओं की
कह गई कई कहानियाँ उसकी वो झूठी सी हँसी,
दिल के दर्द को छुपा लिया मुस्कुराहट के पीछे,
अब तो यू ही एक आशियाँ सजा लिया उसने यू ही घुटते घुटते
...
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Pushpa P.
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