"साथ मेरे तू" Poem by Pushpendra singh Sisodiya

"साथ मेरे तू"

तू हंसी में है, तू ग़म में है,
हर मोड़ पे तू मेरे संग है।
ना कोई शक, ना कोई डर,
तेरे जैसा यार नहीं इस शहर।


तेरी बातें जैसे चाय की चुस्की,
तेरी हंसी में छुपी है मस्ती।
दूर भी हो तो पास लगे,
तेरी दोस्ती हर साँस लगे।


साथ मेरे तू, तो क्या फिकर,
दुनिया से लड़ लेंगे हम अगर।
तू है तो रास्ता भी है,
तू नहीं तो अधूरा सफ़र।


तेरे कंधे पे सिर रख के,
आँखों में सारे राज कहे।
ना तू बदले, ना मैं बदलूं,
यारी में कभी ना दूरी छलूं।


ना कोई चालाकी, ना स्वार्थ,
तेरी दोस्ती है सबसे खास।
ज़िंदगी की ये जो मिठास,
तेरे नाम से ही है हर एहसास।


साथ मेरे तू, हर एक मौसम,
तेरे बिना सूना लगे आलम।
हम रहें या ना रहें कल,
तेरी दोस्ती रहे हर पल।

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