सामाजिक न्याय की बात तो दूर की रही
अपनॉ को अपनों से भिड़ानी की चाल रही
जात-पात, हिन्दू-मुसलमान और कौमी तनाव हमेशा रहता
अपने ही देश में हम अपनी ही रक्षा नहीं कर सकते।
हसमुख मेहता
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सामाजिक न्याय की बात तो दूर की रही अपनॉ को अपनों से भिड़ानी की चाल रही जात-पात, हिन्दू-मुसलमान और कौमी तनाव हमेशा रहता अपने ही देश में हम अपनी ही रक्षा नहीं कर सकते। हसमुख मेहता