Thought Of Life Poem by Lord God Universe

Thought Of Life

वक्त कितना बदल गया कोई हमसे बत लाव
खोए हुए बचपन को फिर से ढूंढना लाव
जहां चेहरे पर थे हंसी दिल में उमंग थी
जहां आंखों में चमक थी हरकत दबंग थी
जहां कांग्रेस की जहाज को आसमान में उड़ना था
छोटी सी बात को बहुत बड़ा बनाना था
स्कूल जाने की बात पर रोज बहाना बनाना था
नहाते वक्त कोई गाना गाना था
वह गाना हमें कभी समझ नहीं आया इसीलिए वह वक्त बचपन कहलाया
वक्त बदल गया यह ब्रह्मांड की है माया
इससे अब तक कोई नहीं बच पाया।

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