वक्त कितना बदल गया कोई हमसे बत लाव
खोए हुए बचपन को फिर से ढूंढना लाव
जहां चेहरे पर थे हंसी दिल में उमंग थी
जहां आंखों में चमक थी हरकत दबंग थी
जहां कांग्रेस की जहाज को आसमान में उड़ना था
छोटी सी बात को बहुत बड़ा बनाना था
स्कूल जाने की बात पर रोज बहाना बनाना था
नहाते वक्त कोई गाना गाना था
वह गाना हमें कभी समझ नहीं आया इसीलिए वह वक्त बचपन कहलाया
वक्त बदल गया यह ब्रह्मांड की है माया
इससे अब तक कोई नहीं बच पाया।
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