वो है औरत Poem by Vini Srivastava

वो है औरत

जो सबका ध्यान रखे,
वो है औरत,
जो अपनो को खुद से पहले रखे,
वो है औरत,
जिसके लिए उसका घर ही,
उसका सब कुछ हो,
वो है औरत,
जो अपनो के लिए,
अपनी पहचान खो दे,
वो है औरत

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