Tribhuvan Mendiratta

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Who Am I - Poem by Tribhuvan Mendiratta

तुम हो मेरी जिन्दगी तो मैं क्या हूँ

तुम बिन मैं जिन्दा हूँ तो मैं क्यों हूँ

शायद मैं हूँ ही नहीं बस तुम हो

या तुम को है मालूम की मैं भी हूँ

Topic(s) of this poem: life

Form: Haiku


Poet's Notes about The Poem

तुम हो मेरी जिन्दगी तो मैं क्या हूँ

तुम बिन मैं जिन्दा हूँ तो मैं क्यों हूँ

शायद मैं हूँ ही नहीं बस तुम हो

या तुम को है मालूम की मैं भी हूँ

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Poem Submitted: Friday, March 6, 2015



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