Sameer Pratapgarhi

Sameer Pratapgarhi Poems

सनातन मन की स्पष्ट तस्वीर हूँ
मान सम्मान प्रेम का बहता नीर हूँ
बड़ों का छोटा और छोटों का बड़ा
मित्रों का मित्र एवं शत्रुओं की पीर हूँ
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The Best Poem Of Sameer Pratapgarhi

समीर प्रतापगढ़ी

सनातन मन की स्पष्ट तस्वीर हूँ
मान सम्मान प्रेम का बहता नीर हूँ
बड़ों का छोटा और छोटों का बड़ा
मित्रों का मित्र एवं शत्रुओं की पीर हूँ
मैं प्रतापगढ़ी समीर हूँ

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