Ajay Srivastava

Gold Star - 11,191 Points (28/08/1964 / new delhi)

Ajay Srivastava Poems

401. कटूता 4/4/2016
402. Lips 4/4/2016
403. ਨਵਾ 4/4/2016
404. ਜਿੰਦਗੀ ਏਕ 4/5/2016
405. ਪਕੇ ਡੀਠ/ਨਾਸਮਝ 4/6/2016
406. ਸਹੀ ਮੁੱਲ 4/7/2016
407. ਕਰਮਾਂ ਤੇ ਨਿਯਮੋ 4/8/2016
408. शुभ नवरात्रि 4/8/2016
409. ਦੁਸ੍ਮਾਨੀ ਚੰਗੀ 4/9/2016
410. समाधान चक्रव्यू 4/11/2016
411. गलतीयो का परिणाम 4/11/2016
412. Host 4/11/2016
413. ਸੁਖ ਦਾ ਏਹਸਾਸ 4/11/2016
414. ਜਲ - ਜਿੰਦਗੀ 4/12/2016
415. ਵੇਸਾਖੀ 4/13/2016
416. ਤਵਾੜੇ ਕੋਲ 4/14/2016
417. Our Motto 4/15/2016
418. ਇਮਾਨਦਾਰੀ ਨਾਲ 4/15/2016
419. राम नवमी 4/15/2016
420. Smooth Way 4/20/2016
421. बाटना 4/20/2016
422. New Way 4/20/2016
423. दूरी 4/20/2016
424. It's Your 4/20/2016
425. Brightness 4/20/2016
426. छीना नही 4/20/2016
427. Maturity & Responsibility 4/20/2016
428. For You 4/20/2016
429. ਈਰਖਾ 4/20/2016
430. ਸੁਧਾਰ 4/21/2016
431. Applicable 4/22/2016
432. ਪਹਚਾਨ 4/22/2016
433. ਰਬ ਦੇ ਵਾਸਤੇ 4/23/2016
434. Quite 4/25/2016
435. तंत्र व मंत्र 4/25/2016
436. Dance 4/25/2016
437. विवेक 4/26/2016
438. ਗੁੱਸਾ ਤੇ ਪ੍ਯਾਰ 4/26/2016
439. ਜਿਥੇ ਤੇ ਉਥੇ 4/27/2016
440. ਆਤਮਾ 4/28/2016
Best Poem of Ajay Srivastava

Who Told You

Where is the spirit of nationalism.
Humanity is no where near humanity.
On the contrary people are busy in fighting for meaningless cause.
Terror for falsehood is growing among masses.
Over of honesty almost finished.
loyalty of measurement is buttering.
Desire of dream India is simply for selected people only.
Yet another voice for right is on its peak
Our wisdom required to be overhaul.
United spirit of well being of India is the need of the hour.

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सुर से साधना

सुर से साधना साधना से भक्ति
रस से भाव भाव से विभिन्न रूप
गीत से बोल बोल से शब्द माला
मीठास शब्द माला से बने मधुर संगीत
क्या बच्चों , युवाओं और वृद्ध
सभी रोमांच से नृत्य करने लगते है
चार लाइन का जादू कर्ण मैं प्रवेश होते ही
पूरण रूप से आनंद प्राप्त करने का अनुभव है11

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