Anil Bhatti

Rookie [AB] (28-Aug-1987 / New Delhi)

Do you like this poet?
1 person liked.
0 person did not like.


Click here to add this poet to your My Favorite Poets.


Comments about Anil Bhatti

---
There is no comment submitted by members..
Best Poem of Anil Bhatti

तनहाई (Tanhai)

तनहाई के समन्दर में डूब सा गया हूं मैं
ना जाने खुद को कहां खो बैठा हूं मैं
इस क़दर मार पड़ेगी तेरी ऐ ज़ालिम सोचा ना था
खुदी को तलाश्ता रहा और तुझसे जुदा हो गया हूं मैं

फंस गया हूं इस चार-दीवारी मे, अब कुछ कर नही सकता
जकड़ लिया इन ज़ंजीरों ने, अब तो मर भी नही सकता
टूट गया हूं अंदर से, बस एक पुतला ही बाकी है
निकल आया हूं दूर तुझसे इतना, अब वापस मुड़ भी नही सकता

मत आज़मा मुझे, मुझमे वो बात नही
लड़ सकुं तुझसे, मेरी वो औकात नही
माना मैं नादान हूं, पर तू तो खुद कादिर है
इस क़दर फ़ासले ना बढ़ा, पता तेरा मुझे मालूम नही

कर सकता है तो कर दे जंग का एलान, दिखा...

Read the full of तनहाई (Tanhai)

PoemHunter.com Updates

[Report Error]