Nihal Mishra Poems

Hit Title Date Added

बस मन में यही दोहराता जाता हूं,
कुछ सीखा रही है जिंदगी तो क्यों नही सीख जाता हूं।
क्यों किसी और की गलतियों को मैं सुधारना चाहता हूं,
अपने मै को क्यों, मैं ही मार देना चाहता हूं।
...

Close
Error Success