Lalit Kaira

Freshman - 730 Points (13/04/1985 / Binta, India)

उसकी यादों का आना हो गया है - Poem by Lalit Kaira

ये चरखा कारखाना हो गया है
अब तो हँसना बहना हो गया है

उसने मुस्कुरा के अदा से कह दिया
मेरा मेकअप पुराना हो गया है

मेरी कविता रवानी ढूँढती है
खुद से कहना सुनाना हो गया है

जब भी रोया तो हँस के माँ बोली
मेरा बेटा सयाना हो गया है

क़यामत से डराते हो ललित को
उसकी यादों का आना हो गया है

Topic(s) of this poem: life, love and life

Form: Ghazal


Comments about उसकी यादों का आना हो गया है by Lalit Kaira

  • Rajnish Manga (11/2/2015 9:00:00 AM)


    ग़ज़ल में अभिव्यक्ति का यह अंदाज़ नया भी है और अर्थपूर्ण भी. धन्यवाद, ललित जी. (Report) Reply

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Poem Submitted: Monday, November 2, 2015



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